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Wednesday, October 4, 2017

Storytelling on the occasion of Gandhi Jayanti
गांधी जी के प्रेरक प्रसंग बच्चों और बड़ों ने ध्यान से सुने, उन्हें आत्मसात किया और आगे भविष्य में उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए कृतसंकल्प हुए। 








Saturday, September 30, 2017


Saturday, September 2, 2017

परीक्षा की तैयारी

परीक्षा की तैयारी
बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षाएँ नजदीक रही हैं। इस समय बच्चे  एवं  अभिभावक दोनों तनाव में रहते हैं। बच्चे को तनाव नहीं ,सहारा दें। उसका मनोबल बढ़ाएँ।  
इस समय कुछ ध्यान देने वाली बातें इस प्रकार है -
   • समय सारिणी बनाकर हर विषय को उचित समय दें बीच- बीच में थोड़ा समय विश्राम के लिए   रखें।
   • परीक्षा  के लिए  दिए गए पाठ्यक्रम को ध्यान से देखें  और  उसके अनुरूप तैयारी कराएँ।
 • थोड़े समय में ज्यादा पढ़ लेने से बच्चा परीक्षा में सब कुछ याद नहीं ररख पाता। अतः समय- समय पर पढ़े हुए पाठ    
     का  एवं नियमित अभ्यास   कराएँ।
अच्छे उत्तर लिखने के  लिए बच्चे पाठ को बार- बार पढ़ें ताकि पाठ  पूरी तरह उन्हें समझ जाए।
कई बार देखा गया है कि परीक्षा देते समय बच्चे   पूरा पेपर नहीं कर पाते। कई प्रश्न छूट  जाते हैं , उन्हें प्रश्न पत्र बड़ा   
  लगता है। यह तभी होता है जब हम घर पर प्रश्नों के उत्तर लिख कर अभ्यास नहीं करते। लिखित अभ्यास कराएँ     
    इससे वर्तनी सम्बन्धी अशुद्धियाँ भी सामने जाती हैं और लिखने की गति भी बढ़ जाती है।   
बच्चे  को अगर कहीं  कुछ समझने में कठिनाई हो रही है तो उस वक्त तनाव में आयें।  थोड़ी देर के लिए उस विषय
   को छोड़ दें। बाद में फिर कुछ घंटों बाद उसे फिर उठाएँ या अगले दिन उस विषय को दोबारा  देखें। आप देखेंगे कि  
   अब   समझने में आसानी होगी।
•   संतुलित भोजन  आवश्यक है।  पेट अच्छी तरह भरा होने पर बच्चा मन लगाकर पढ़ता है।  जंक फ़ूड से बचें। 


 नियमित प्रयास, नियमित पठन , नियमित रूप से लेखन  अनिवार्य है। अंत में यही समझने की आवश्यकता है  कि  परीक्षा एक मापदंड है यह जानने के लिए कि बच्चे का कांसेप्ट कहाँ तक स्पष्ट है , किस  विषय पर पकड़ मज़बूत नहीं है , आगे आने वाले समय में हमारी तैयारी कैसी होनी चाहिए।  

Monday, August 28, 2017

'कि' एवं 'की' के प्रयोग में अंतर

बच्चों को 'कि' एवं 'की' के प्रयोग में कई बार दिक्कत आती है। इस वीडियो द्वारा बहुत ही आसान तरीके से मैने इसे समझाने की कोशिश की है। आशा है यह प्रयास आपको पसंद आएगा ।

https://www.youtube.com/watch?v=tRS_U0OkgNk


Sunday, August 20, 2017

Visiting Sarvahitey

Got the opportunity to talk to little children at Gole market. It was a great feeling to know that these children had the concept of Independence ,knew our freedom fighters and their struggle for Independence and also the meaning of Ahimsa. Children were able to understand the stories of Ishwar Chandra Vidyasagar , Lal Bahadur Shastri , Swami Vivekanand , and Gandhiji narrated by me . These children were very bright and had the urge to read and do well in studies. Tak Dhina Dhin , my poetry books were also distributed. Children loved singing the songs of the books. It was a lovely evening spent with these kids. Thanks to Sarvahitey, an Ngo whose young brigade is doing so much for these under privileged kids and made this visit a memorable one.



How to develop your child's interest in Hindi language



बच्चों का हिंदी भाषा के प्रति रुझान धीरे-  धीरे कम हो रहा है क्योंकि हम सब चाहते हैं कि  बच्चा अधिक से अधिक अंग्रेजी में बोले ताकि बड़े होकर उसे नौकरी के लिए परेशानी न आए  और अगर विदेश जाना है तो भी आसानी हो जाए।  इसलिए अंग्रेजी की किताबें लाकर देते हैं , उससे बचपन से ही अंग्रेजी में बात करते हैं , अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में दाखिला दिलवाते हैं।  नतीजा सामने है।  हिंदी भाषा से संपर्क टूट रहा है।  अब समस्या यह है कि  स्कूलों में हिंदी विषय  में कम अंक आने लगे हैं। अब अभिभावकों को चिंता सताने लगती है कि  कक्षा चौथी - पांचवीं तक जो शब्द भंडार , मात्रा ज्ञान आ जाना चाहिए था , वह नहीं आया। अब कक्षा छठी में अचानक मन बोझिल होने लगता है।  आखिर करें तो क्या करें।  पाठ्यक्रम भी बढ़  गया है अब मात्राएँ कराएं या पाठ्यक्रम की ओर ध्यान दें।  असमंजस की स्थिति है। इन सब बातों को मद्देनज़र रखते हुए एक वीडियो शृंखला निकालने का मन है जिसकी पहली  कड़ी आप सबके  सामने है।  आशा है आप सबको पसंद आएगी।
https://www.youtube.com/watch?v=JnD9yZ4ty2A

storytelling at wonderoom

Wonderoom is a children's library situated at the headquarters of Rajiv Gandhi Foundation, working to inculcate 'love for reading' among children from different socio economic backgrounds in Delhi.
It celebrated the birth anniversary of 'Munshi Premchand' on 31st July 2017 at Jawahar Bhawan Auditorium. Stage plays based on the stories of 'Munshi Premchand' were presented by children and some storytellers. The story by Munshi Premchand 'Kazaki' was enacted by me . It was really a fun filled evening where so many stories came alive. It was a great feeling to be the part of this event.